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Must-Watch:

 2012 Best Animated Short Oscar Winner :The Fantastic Flying Books of Mr. Morris Lessmore.

  • किताबें करती हैं बातें, बीते जमानों की, दुनिया की इनसानों की,
  • आज की, कल की, एक एक फल की, खुशियों की, गमों की,
  • फूलों की, बमों की, जीत की, हार की, प्यार की, मार की !
  • क्या तुम नहीं सुनोगे इन किताबों की बातें?
  • किताबें कुछ कहना चाहती हैं, तुम्हारे पास रहना चाहते हैं l
  • किताबों में चिडियाँ चहचहाती हैं, किताबों में खेतियाँ लहलहाती हैं,
  • किताबों में झरने गुनगुनाते हैं, परियों के किस्से सुनाते हैं l
  • किताबों में राँकिट का राज हैं, किताबों में सांईस का आवाज हैं,
  • किताबों का कितना बडा संसार हैं, किताबों में ज्ञान की भरमार हैं l
  • क्या तुम इस संसार में नहीं जाना चाहोगे?
  • किताबें कुछ कहना चाहती हैं, तुम्हारे पास रहना चाहते हैं l
  • My favourite quotation is………..
  • अपने विचारों पर ध्यान दें, वे आपके शब्द बन जाएंगे l
  • अपने शब्दों पर ध्यान दें, वे आपकी क्रिया बन जाएंगे l
  • अपनी क्रियाओं पर ध्यान दें, वे आपकी आदतें बन जाएंगी l
  • अपनी आदतों पर ध्यान दें, वे आपका चरित्र बन जाएंगी l
  • My message to everyone…….
  • Believe in yourself
  • Find the best that is you
  • Let your spirit prevail
  • Steer a course that is true.

      माँ

– निदा फाजली

बेसन की सौंधी रोटी पर 
खट्टी चटनी-जैसी माँ 
याद आती है चौका-बासन 
चिमटा, फुँकनी-जैसी माँ 
बान की खुरीं खाट के ऊपर 
हर आहट पर कान धरे 
आधी सोई आधी जागी 
थकी दोपहरी-जैसी माँ 
चिड़ियों की चहकार में गूँजे 
राधा-मोहन, अली-अली 
मुर्गे की आवाज से खुलती 
घर की कुंडी-जैसी माँ 
बीवी, बेटी, बहन, पड़ोसन 
थोड़ी-थोड़ी-सी सब में 
दिन भर इक रस्सी के ऊपर 
चलती नटनी-जैसी माँ
बाँट के अपना चेहरा, माथा 
आँखें जाने कहाँ गई 
फटे-पुराने इक अलबम में 
चंचल लड़की-जैसी मा

Gigantic aMAZEme Book Maze in London Will Be Made from 250,000 Books!

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किताबे झांकती है बंद अलमारी के शीशों से

 

..किताबे सिर्फ़ इल्म का जरिए नही मुलाकात का बहाना भी थी ..दिल का सकून और सूखे हुए गुलाब के फूलो की इश्क की दास्तान भी … इसी बात को गुलजार जी ने देखिये कितनी खूबसूरती से अपनी इक नज्म में ढाला है .किताब से जुड़ी हर बात उन्होंने इस नज्म में कही है …

किताबे झांकती है बंद अलमारी के शीशों से
बड़ी हसरत से तकती है 
महीनों अब मुलाकाते नही होती
जो शामें इनकी सोहबत में कटा करती थी अब अक्सर
गुजर जाती है कंप्युटर के परदों पर
बड़ी बेचैन रहती है किताबे ….
इन्हे अब नींद में चलने की आदत हो गई है
बड़ी हसरत से तकती है ..

जो कदरें वो सुनाती थी
की जिन के सैल कभी मरते थे
वो कदरें अब नज़र आती नही घर में
जो रिश्ते वो सुनाती थी
वह सारे उधडे उधडे हैं
कोई सफहा पलटता हूँ तो एक सिसकी निकलती है
कई लफ्जों के माने गिर पड़े हैं
बिना पत्तों के सूखे टुंडे लगते हैं वो सब अल्फाज़
जिन पर अब कोई माने नही उगते
बहुत सी इसतलाहें हैं
जो मिटटी के सिकूरों की तरह बिखरी पड़ी है
गिलासों ने उन्हें मतरुक कर डाला 

जुबान पर जायका आता था जो सफहे पलटने का
अब उंगली क्लिक करने से बस इक झपकी गुजरती है
बहुत कुछ तह बा तह खुलता चला जाता है परदे पर
किताबों से जो जाती राब्ता था ,कट गया है
कभी सीने पर रख कर लेट जाते थे
कभी गोदी में लेते थे
कभी घुटनों को अपने रिहल की सूरत बना कर
नीम सजदे में पढ़ा करते थे ,छुते थे जबीं से
वो सारा इल्म तो मिलता रहेगा बाद में भी
मगर वो जो किताबों में मिला करते थे सूखे फूल
और महके हुए रुक्के
किताबें मँगाने ,गिरने उठाने के बहाने रिश्ते बनते थे
उनका क्या होगा
वो शायद अब नही होंगे !!

     Learning

  When learning is purposeful 

  creativity blossoms  

When creativity blossoms  

Thinking emanate   

When thinking emanates 

  Knowledge is lit   

When knowledge is lit   

The nation progresses

APJ Abdul Kalam

Book Fair  –  06 – 07 December 2012

 

Library Activities 2013-14

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Career  Guidance Exhibition 7-08-2013

Career Talk Program by Colonel R.K. Singh Deputy Director Employment Exchange Mr. Agnihotri 7-08-2013

Career Guidance and Counselling 7.08.2013

 

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